झांसी: दहेज हत्या के मामले में पति और सास को 10-10 साल की सजा
झांसी में दहेज हत्या के मामले में पति और सास को 10-10 साल की सजा, 14 हजार का जुर्माना। अदालत ने 6 साल पुराने केस में सख्त फैसला सुनाया।"
झांसी: दहेज हत्या के मामले में पति और सास को 10-10 साल की सजा
झांसी की अदालत ने 6 साल पुराने दहेज हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पति और सास को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर उन्हें 3 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र यादव ने गुरुवार को सुनाई।
शादी के डेढ़ साल बाद बेटी को जला दिया
विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता संतोष श्रीवास ने मऊरानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी 7 जुलाई 2016 को कोटरा गांव के अमित श्रीवास से हुई थी।
शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता ने अपने मायके आकर यह बात परिवार को बताई, जिसके बाद उसके माता-पिता ने ससुराल वालों से बात कर मामला शांत करने का प्रयास किया। लेकिन ससुराल पक्ष ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
दहेज न मिलने पर हत्या
शिकायत के अनुसार, 3 मार्च 2018 को ससुराल वालों ने पीड़िता पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
लंबी सुनवाई के बाद न्याय
पुलिस ने मामले की जांच कर पति अमित श्रीवास और सास जनक कुमारी को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। करीब 6 साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई।
सख्त संदेश
इस फैसले ने झांसी और आसपास के क्षेत्रों में दहेज के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दहेज उत्पीड़न और हत्या जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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