मध्य प्रदेश: गुना ज़िले में बोरवेल से 10 वर्षीय बच्चा सुरक्षित बाहर निकाला गया

A 10-year-old boy trapped in a borewell in Guna, Madhya Pradesh, was rescued safely after an 18-hour operation. Read about the rescue efforts and the family's relief

Dec 29, 2024 - 12:14
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मध्य प्रदेश: गुना ज़िले में बोरवेल से 10 वर्षीय बच्चा सुरक्षित बाहर निकाला गया

मध्य प्रदेश: गुना ज़िले में बोरवेल से 10 वर्षीय बच्चा सुरक्षित बाहर निकाला गया

मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में 18 घंटे के लंबे और कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बोरवेल में गिरे 10 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। यह घटना गांव बड़ोखर में हुई, जहां बच्चा खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और प्रशासन को हाई-अलर्ट पर ला दिया।

घटना का विवरण

गुरुवार दोपहर बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेलते समय अचानक बोरवेल में गिर गया। बोरवेल करीब 50 फीट गहरा था, और बच्चा लगभग 35 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया। प्रशासन ने सेना, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), और स्थानीय पुलिस की मदद ली। बोरवेल के समानांतर खुदाई की गई ताकि बच्चे तक सुरक्षित पहुंचा जा सके। ऑपरेशन के दौरान बच्चे को ऑक्सीजन सप्लाई दी गई और कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी गई।

परिवार की प्रतिक्रिया

बच्चे के सुरक्षित बाहर आने के बाद उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भावुक हो गए। माता-पिता ने प्रशासन और बचाव दल का आभार व्यक्त किया। बच्चे को तुरंत चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को स्थिर बताया।

प्रशासन और स्थानीय लोगों की भूमिका

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन और स्थानीय लोगों की भूमिका सराहनीय रही। गांव के लोग लगातार बचाव कार्य में सहयोग करते रहे और बच्चे के लिए प्रार्थना करते रहे। मुख्यमंत्री ने इस ऑपरेशन के सफल होने पर खुशी जाहिर की और बचाव दल को धन्यवाद दिया।

बोरवेल सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर से बोरवेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले बोरवेल बच्चों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

निष्कर्ष

गुना की यह घटना जहां एक तरफ एक बच्चे की बहादुरी और प्रशासन की तत्परता का उदाहरण है, वहीं दूसरी ओर बोरवेल सुरक्षा की अनदेखी पर चिंता भी व्यक्त करती है। यह आवश्यक है कि खुले बोरवेल को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक किया जाए।

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