सचिन चौधरी (जैन): बुंदेलखंड की आवाज़ और सांस्कृतिक पहचान के रक्षक
Join us on Teesri Aankh Podcast as we welcome our first guest, Sachin Chaudhari (Jain), Founder & Editor of Bundeli Bauchhar. Discover his inspiring journey, passion for Bundelkhand, and his remarkable contributions to promoting the Bundeli language and culture."
सचिन चौधरी (जैन): बुंदेलखंड की आवाज़ और सांस्कृतिक पहचान के रक्षक
हमारे तीसरी आंख पॉडकास्ट के पहले अतिथि सचिन चौधरी (जैन) हैं, जिनकी कहानी प्रेरणा और संघर्ष की मिसाल है। बुन्देली बौछार के संस्थापक और संपादक, सचिन जी ने अपने जीवन को बुंदेलखंड और बुन्देली भाषा की सेवा में समर्पित कर दिया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
29 अप्रैल 1984 को ललितपुर के तालबेहट में जन्मे सचिन चौधरी का बचपन डॉक्टर बनने के सपने के साथ शुरू हुआ। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण यह सपना पूरा न हो सका। बीएससी की पढ़ाई के दौरान उन्होंने पत्रिकाएं पढ़ने और पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ाया। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना, मैगजीन डिलीवर करना और छोटे-मोटे काम करना उनकी शुरुआती संघर्षों की कहानी कहते हैं।
पत्रकारिता में मजबूत कदम
सचिन जी ने इंदौर के BTV से केवल ₹2000 प्रतिमाह पर नौकरी शुरू की। कठिनाइयों के दिनों में पेटीज खाकर दिन बिताने वाले सचिन ने बाद में ETV उत्तर प्रदेश, Star News जैसे प्रतिष्ठित चैनलों में भी काम किया। 2012 में उन्होंने बुंदेली न्यूज नाम से वेब पोर्टल शुरू कर बुंदेलखंड की समस्याओं को उजागर करना शुरू किया।
बुन्देली बौछार की स्थापना
2018 में सीमित संसाधनों और एक मोबाइल के साथ शुरू हुआ बुन्देली बौछार आज बुंदेलखंड की सबसे सशक्त मीडिया आवाज़ बन चुका है। फेसबुक पर 1 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स और यूट्यूब पर आधे मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह देश का पहला स्थानीय बोली आधारित न्यूज चैनल है।
थाईलैंड यात्रा: बुन्देली में व्लॉगिंग का नया अध्याय
हाल ही में सचिन जी अपने परिवार संग थाईलैंड यात्रा पर गए, जहां उन्होंने अपनी पत्नी के साथ बुन्देली भाषा में व्लॉगिंग की। उनकी सादगी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव की यह झलक इंटरनेट पर वायरल हो गई। थाईलैंड में बुन्देली भाषा की गूंज ने दर्शकों को चौंका दिया और एक बार फिर साबित कर दिया कि अपनी भाषा और संस्कृति को गर्व से अपनाने वाले ही असली प्रेरणा स्रोत होते हैं।
प्रेरक उपलब्धियां
झांसी की एक बलात्कार पीड़िता को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
IIMC और Amity University जैसे संस्थानों द्वारा उनकी मीडिया यात्रा पर शोध।
बुन्देली आइडल और बुन्देली समागम जैसे आयोजनों से क्षेत्रीय कलाकारों को मंच प्रदान करना।
हमारे पॉडकास्ट पर विशेष चर्चा
सचिन चौधरी जी हमारे पॉडकास्ट तीसरी आंख में शामिल होकर अपने अनुभव साझा करेंगे। उनसे पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग, बुन्देली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने के प्रयास, और क्षेत्र के विकास के उपायों पर बातचीत होगी।
संदेश
सचिन चौधरी की यह यात्रा बताती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उनके संघर्ष, सफलता और अपने क्षेत्र के प्रति समर्पण की कहानी हम सबके लिए प्रेरणा है। बुन्देली बौछार के माध्यम से वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमिट छाप छोड़ रहे हैं।
सचिन चौधरी जैसे व्यक्तित्व समाज के लिए मिसाल हैं। उनके संघर्ष और योगदान को सलाम!
आभार और धन्यवाद
हम तीसरी आंख की पूरी टीम की ओर से सचिन चौधरी (जैन) जी को हमारे पहले पॉडकास्ट अतिथि बनने के लिए हृदय से धन्यवाद देते हैं।
आपकी प्रेरक जीवन यात्रा, संघर्षों की कहानी और बुंदेलखंड व बुन्देली भाषा के प्रति आपका समर्पण सच में प्रशंसा योग्य है। आपने जिस तरह से सीमित संसाधनों के साथ बुन्देली बौछार को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा है।
आपकी उपस्थिति और अनुभवों ने हमारे पॉडकास्ट को एक नई दिशा दी है। भविष्य में भी आपसे जुड़कर और आपके विचार सुनकर हम सब समृद्ध होते रहेंगे।
धन्यवाद!
तीसरी आंख टीम
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