झांसी में NIA की छापेमारी के बाद बवाल: भीड़ ने मुफ्ती को छुड़ाया, मस्जिद से अनाउंसमेंट के बाद हुआ हंगामा
झांसी में NIA की छापेमारी के बाद बवाल: भीड़ ने मुफ्ती को छुड़ाया, मस्जिद से अनाउंसमेंट के बाद हुआ हंगामा
झांसी में NIA की छापेमारी के बाद बवाल: भीड़ ने मुफ्ती को छुड़ाया, मस्जिद से अनाउंसमेंट के बाद हुआ हंगामा
झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई, जहां विदेशी फंडिंग की जांच के तहत NIA और यूपी ATS की टीम ने बुधवार रात करीब 2:30 बजे सुपर कॉलोनी स्थित मुफ्ती खालिद नदवी के घर पर छापेमारी की। लगभग आठ घंटे की तलाशी और पूछताछ के बाद जब टीम मुफ्ती को हिरासत में लेकर बाहर निकली, तो विरोध शुरू हो गया।
मुफ्ती को छुड़ाने पहुंची भीड़
जब NIA की टीम मुफ्ती को लेकर जाने लगी, तो उनके समर्थकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में 200 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई। मस्जिद से अनाउंसमेंट के बाद महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं। हालात बेकाबू होते देख भीड़ मुफ्ती को खींचकर 50 मीटर दूर स्थित फातिमा मस्जिद ले गई।
मुफ्ती का बयान: पासपोर्ट और किताबें जब्त
मुफ्ती खालिद ने बताया कि NIA ने उनके पासपोर्ट और धार्मिक किताबों की जांच की। टीम ने उनकी ऑनलाइन क्लासों, व्हाट्सऐप चैट्स और बैंक अकाउंट की भी तलाशी ली। उन्होंने कहा कि वे पिछले 11 वर्षों से बच्चों को ऑनलाइन धार्मिक शिक्षा दे रहे हैं और उनकी फीस 50 से 1500 रुपये तक होती है।
समर्थकों की मांग: इंसाफ और स्पष्टता
शहर काजी और स्थानीय लोगों ने NIA की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुफ्ती खालिद पर कोई ठोस आरोप नहीं है, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया? समर्थकों ने कहा कि मुफ्ती एक सम्मानित शिक्षक हैं, जो विश्वभर के बच्चों को कुरान और उर्दू की शिक्षा देते हैं।
पुलिस प्रशासन की सतर्कता
मुफ्ती के घर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल भीड़ को देखते हुए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
यह घटना झांसी में कानून-व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। NIA को अब अपनी जांच और कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बहाल करने की जरूरत होगी।
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