झांसी जेल के अंदर से साम्राज्य चलाने की साजिशः हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की खतरनाक योजना का पर्दाफाश
Discover how history-sheeter Kamlesh Yadav attempted to run a crime syndicate from Jhansi Jail, leading to a daring attack on the jailor by his sons. Read about the extortion plot, jail transfers, and ongoing investigations."
झांसी जेल के अंदर से साम्राज्य चलाने की साजिशः हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की खतरनाक योजना का पर्दाफाश
झांसी जिला जेल में बंद कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की खतरनाक साजिश ने जेल प्रशासन को हिला कर रख दिया। जेल के अंदर से गैंग संचालित करने की उसकी योजना का भंडाफोड़ हुआ, जिसके चलते जेल प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
जेल के अंदर गैंग बनाकर फिरौती वसूली की योजना
करीब डेढ़ साल से झांसी जेल में बंद कमलेश यादव ने जेल के अंदर ही अपने साम्राज्य को मजबूत करने की साजिश रच डाली थी। उसने अजय यादव उर्फ अजय जडेजा, सरदार गुर्जर, विनोद जाट और शंकर जैसे अपराधियों के साथ मिलकर एक र : गैंग बना लिया।
छोटे-मोटे अपराध जेल आने वाले
अपराधियों को अपने गिरोह में शामिल करके वे फिरौती वसूली जैसी वारदातों की तैयारी में थे।
जेल प्रशासन की चौकसी और जेल स्थानांतरण
जेल प्रशासन की सतर्कता से इस साजिश की भनक लग गई, जिसके बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने डीएम को इसकी जानकारी दी। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कमलेश यादव को हमीरपुर जेल और अन्य बदमाशों को उरई और महोबा जेल में शिफ्ट कर दिया।
बेटों ने लिया बदला, जेलर पर जानलेवा हमला
कमलेश यादव के बेटों सुमित और अमित को शक हुआ कि उनके पिता की जेल बदले जाने के पीछे जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता का हाथ है ने की आग में जलते हुए उन्होंने दो थियों के साथ
मिलकर जेलर पर जानलेवा हमला कर दिया।
हमले के दौरान जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता अपने सहयोगी अर्जुन सिंह के साथ ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जा रहे थे। डीआरएम ऑफिस के पास उनकी ऑटो को घेर कर बदमाशों ने हमला कर दिया। इस हमले में जेलर के हाथ टूट गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
हमले के बाद नवाबाद थाने में चारों हमलावरों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सरकारी काम में बाधा और गाली-गलौज का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
जलर क हाथ टूट गए आर व गभार रूप से घायल हो गए।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
हमले के बाद नवाबाद थाने में चारों हमलावरों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सरकारी काम में बाधा और गाली-गलौज का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
झांसी जेल में हुए इस हमले ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना जेल के भीतर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और प्रशासन की चुनौतियों को दर्शाती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और कैसे जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करता है।
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