माँ-बहन को वीडियो कॉल कर कहा - "मैं ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर रहा हूँ"
A young man in Jhansi committed suicide by jumping in front of a train. Before his death, he made a video call to his mother and sister to share his last words. Read the full story, family circumstances, and the reasons behind this tragic incident.
माँ-बहन को वीडियो कॉल कर कहा - "मैं ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर रहा हूँ"
झाँसीः
गुरुवार की शाम एरच रोड रेलवे स्टेशन पर हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पुलिस ने काफी प्रयासों से मृतक की पहचान की। मृतक की पहचान पुष्पेंद्र यादव के रूप में हुई, जो हमीरपुर जिले का निवासी था और वर्तमान में झाँसी के गरौठा कस्बे में अपने परिवार के साथ रहता था।
आत्महत्या से पहले माँ और बहन को किया वीडियो कॉल
मरने से पहले पुष्पेंद्र ने अपनी माँ और बहन को वीडियो कॉल किया और उन्हें बताया कि वह ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने जा रहा है। इस दौरान वह रेल की पटरियों के पास ही खड़ा था। परिजनों ने बताया कि पुष्पेंद्र पहले भी आत्महत्या करने की बात कहता था, लेकिन उन्हें यह अंदेशा नहीं था कि वह ऐसा कदम सच में उठा लेगा।
पारिवारिक परिस्थितियाँ और आर्थिक तंगी
पुष्पेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिजनों के अनुसार, वह आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहा था। वह कभी-कभी ट्रक में हेल्पर का काम करता था। पुष्पेंद्र की पत्नी कई महीनों से मायके में रह रही थी, और उसने उसे घर वापस लाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इस घटना ने परिवार को गहरे दुःख में डाल दिया है।
पुलिस और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया
घटना के बाद जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद मृतक के परिजन उरई के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और शव की पहचान पुष्पेंद्र के रूप में की।
एक परिवार की उम्मीदों का अंत
पुष्पेंद्र के पिता मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में अब माँ, पिता और एक बहन ही बचे हैं। इस घटना ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया है और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।
समाज के लिए संदेश
यह घटना मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याओं को समझने और समय रहते समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर देती है। समाज और परिवार को ऐसे व्यक्तियों को सहारा देना चाहिए, जो आर्थिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हों। आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, बल्कि यह समस्या को और गहरा कर देती है।
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