ओम प्रकाश चौटाला: संघर्ष, सियासत और सेवा की कहानी

Former Haryana Chief Minister Om Prakash Chautala passes away. Read about his political journey, from the teacher recruitment scam to playing a key role in Haryana's politics. Tribute to the legendary leader!

Dec 20, 2024 - 17:05
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ओम प्रकाश चौटाला: संघर्ष, सियासत और सेवा की कहानी
ओम प्रकाश चौटाला: संघर्ष, सियासत और सेवा की कहानी
ओम प्रकाश चौटाला: संघर्ष, सियासत और सेवा की कहानी

ओम प्रकाश चौटाला: संघर्ष, सियासत और सेवा की कहानी

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने भारतीय राजनीति में एक लंबा सफर तय किया, जिसमें सत्ता के शिखर पर पहुंचने से लेकर कानूनी लड़ाइयों और जेल की सजा तक, हर पहलू शामिल रहा। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन कभी भी अपने संघर्ष की भावना को कमजोर नहीं होने दिया।

राजनीतिक सफर की शुरुआत

ओम प्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी, 1935 को हुआ। वे पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के सबसे बड़े बेटे थे। राजनीति उनके खून में थी, और 1968 में उन्होंने अपने पिता की पारंपरिक सीट ऐलनाबाद से पहला चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय हाईकोर्ट में चुनाव को चुनौती दी और बाद में उपचुनाव जीतकर विधायक बने।

हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने का सफर

ओपी चौटाला ने पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनका नेतृत्व अक्सर विवादों और संघर्षों से घिरा रहा, लेकिन वे राज्य की राजनीति में एक मजबूत चेहरा बने रहे। उन्होंने किसानों के लिए बिजली फ्री करने का वादा किया और गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने का काम किया। हालांकि, बिजली बिल विवाद और किसानों के प्रदर्शन उनके लिए राजनीतिक रूप से भारी साबित हुए।

कानूनी विवाद और जेल यात्रा

उनकी सबसे बड़ी कानूनी चुनौती 1999-2000 के शिक्षक भर्ती घोटाले में आई, जिसमें 3206 शिक्षकों की अनियमित भर्ती का आरोप लगा। जांच के बाद उन्हें 2013 में 10 साल की सजा सुनाई गई। तिहाड़ जेल में रहते हुए भी उन्होंने जीवन की नई शुरुआत की और 86 वर्ष की उम्र में 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की।

व्यक्तिगत जीवन और विरासत

ओपी चौटाला अपने पीछे एक लंबी राजनीतिक विरासत छोड़ गए हैं। उनके बेटे और पोते भी राजनीति में सक्रिय हैं। वे एक मजबूत राजनेता, प्रेरणादायक वक्ता और अपने समर्थकों के लिए एक अटल नेता थे।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सिरसा में किया जाएगा।

शांति प्रार्थना
ओम प्रकाश चौटाला का जीवन संघर्ष, सेवा और साहस की कहानी है। उनके निधन से हरियाणा और देश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया। हम प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति मिले और उनका प्रेरणादायक जीवन हमेशा यादों में जिंदा रहे। ॐ शांति।

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