झाँसी में निजी अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामा : मां बोली- मेरा पहला बच्चा था, डॉक्टर की लापरवाही से हमने उसे खो दिया
झांसी में शनिवार रात को निजी अस्पताल में एक बच्चे की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर प्रदर्शन किया। मां ने कहा- "मेरे बेटे को कुछ नहीं था। सिर्फ जुकाम हुआ था। यहां पर ठीक से देखरेख नहीं हुई। डॉक्टरों की लापरवाही से हमने अपना पहला बच्चा खो दिया।" हंगामा बढ़ते देख 3 थानों का फोर्स पहुंच गया। इस दौरान मां रोते-रोते बेहोश हो गई। तब उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पुलिस ने समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र के मेडिकल रोड पर स्थित मैक्सकेयर स्पर्श हॉस्पीटल का है।
झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के अजीत अहिरवार की शादी 3 साल पहले पूनम से हुई थी। 15 जनवरी 2025 को पूनम ने एक बच्चे को जन्म दिया था। जिसका नाम हेन्त रखा गया था। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था। 4 दिन पहले उसे जुकाम हो गया था। जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। 27 मार्च को बच्चे के परिजन उसे डॉ. सुनील के पास ले गए। उन्होंने बच्चे को मैक्सकेयर स्पर्श हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहा। जिसके बाद परिजन बच्चे को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। जहां उसे आईसीयू में एडमिट किया गया।
बच्चे के पिता अजीत अहिरवार ने बताया कि शनिवार सुबह डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की हालत में सुधार है। सब ठीक रहा तो रविवार शाम तक छुट्टी कर देंगे।
दोपहर में बच्चा अचानक जोर-जोर से सांस लेने लगा। डॉक्टर को बताया तो बोले कि कोई दिक्कत नहीं है। चिंता मत करो। शाम करीब 5 बजे डॉक्टर चले गए। इसके बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। स्टाफ से हालत नहीं संभली तो वो मशीन हटाकर भाग गया। इसके बाद हम डॉक्टर को ढूंढ़ते रहे। काफी देर बाद डॉक्टर आए तो बताया कि बच्चे की बचने की उम्मीद एक प्रतिशत है। 10 मिनट बाद बताया कि बच्चा खत्म हो गया।
डॉक्टरों की लापरवाही से जान गई
बच्चे की मां पूनम ने कहा- मेरे बच्चे को कोई ज्यादा दिक्कत नहीं थी। सिर्फ जुकाम था। सब ठीक था।
डॉक्टर की गलती से आज हमने अपना बच्चा खो दिया। बच्चे की मौत के बाद लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस पहुंच गई। हंगामा बढ़ने पर सदर थाना और महिला थाना पुलिस भी आ गई। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर मामला शांत करवाया।
आरोप निराधार है, जांच की जाये
डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल आए तो उसकी हालत बहुत गंभीर थी। बहुत कम सांस चल रही थी तो वेंटीलेटर पर रखा गया। शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई। उसके फेफड़े फट गए। हमने बहुत कोशिश की, लेकिन बच्चे को बचा नहीं पाए। मैंने खुद परिजनों को सारी स्थिति में बारे में बैठाकर बताया था। अब परिजन झूठे आरोप लगा रहे हैं। अगर परिजन आरोप लगा रहे हैं तो बाकायदा जांच होनी चाहिए। पोस्टमार्टम होना चाहिए। जो भी स्थिति है वो साफ होनी चाहिए।
नवाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने तहरीर दी है। जिसे सीएमओ के पास भेजा जाएगा। डॉक्टरों की टीम जांच कर रिपोर्ट देगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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