झांसी में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: फर्जी CBI अधिकारी बनकर बैंक मैनेजर के पिता से 15 लाख की ठगी

A shocking cyber fraud in Jhansi where a fake CBI officer duped a bank manager's father of ₹15 lakh by falsely accusing him of money laundering and keeping him under digital arrest for 26 hours. Police investigation Stay alert against cyber scams.

Jan 5, 2025 - 13:42
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झांसी में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: फर्जी CBI अधिकारी बनकर बैंक मैनेजर के पिता से 15 लाख की ठगी

झांसी में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: फर्जी CBI अधिकारी बनकर बैंक मैनेजर के पिता से 15 लाख की ठगी

झांसी जिले में साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर एक बड़े जमींदार से 15 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगों ने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखते हुए 26 घंटे तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देकर रकम ऐंठ ली

ठगी की शुरुआत: फर्जी वीडियो कॉल से डराने की साजिश

मोंठ क्षेत्र के पाडरी गांव निवासी रघुवीर सिंह, जिनका बेटा एक राष्ट्रीयकृत बैंक में शाखा प्रबंधक है, ने बताया कि 12 दिसंबर की सुबह उन्हें तीन अलग-अलग नंबरों से कॉल आई। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए एक व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई स्थित सीबीआई अधिकारी ‘आदित्य राठौर’ बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी।

उसने कहा, "आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है। जब तक जांच पूरी न हो जाए, आपको घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।" साथ ही एक फर्जी नोटिस भेजकर उसकी सत्यता का विश्वास दिलाने का प्रयास किया।

डर के माहौल में ठगों की साजिश कामयाब

पीड़ित को धमकाकर ठग ने कुछ देर बाद मामले को सुलझाने के नाम पर रकम वसूलने की प्रक्रिया शुरू की। किसी बाहरी व्यक्ति से बात करने पर तत्काल गिरफ्तारी की धमकी देकर उसने रघुवीर को मानसिक दबाव में रखा। डर और तनाव में आकर रघुवीर ने विभिन्न खातों में कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

परिजनों को जानकारी देने पर खुलासा

रघुवीर सिंह इस घटना से बुरी तरह सहम गए थे और घर में चुपचाप रहने लगे। जब परिजनों ने उनके व्यवहार में बदलाव देखा और पूछताछ की, तो उन्होंने पूरी घटना बताई। यह सुनकर परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच में जुटी, ठगों की तलाश जारी

साइबर थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने बड़ी साजिश के तहत पीड़ित को जाल में फंसाया और उनकी मानसिक स्थिति का लाभ उठाते हुए ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है।

सावधानी ही सुरक्षा: विशेषज्ञों की सलाह

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें, खासकर जब कॉलर स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर दबाव बनाने का प्रयास करे। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित विभाग से सत्यापन जरूर करें।

निष्कर्ष

यह घटना साइबर अपराधियों की बढ़ती सक्रियता और उनके नए-नए तरीकों की गंभीरता को दर्शाती है। ऐसे में आम नागरिकों को सतर्क रहकर अपने धन और निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत रिपोर्ट करें।

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