बांग्लादेशी हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों के बीच त्रिपुरा में बांग्लादेश विरोधी प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के चलते त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। स्थानीय होटलों और अस्पतालों ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सेवाएं बंद कर दी हैं, जबकि भारत-बांग्लादेश के बीच बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।"

Dec 10, 2024 - 15:59
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बांग्लादेशी हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों के बीच त्रिपुरा में बांग्लादेश विरोधी प्रदर्शन

बांग्लादेशी हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों के बीच त्रिपुरा में बांग्लादेश विरोधी प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 5 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। 25 नवंबर को इस्कॉन से जुड़े धर्मगुरु चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी और 30 नवंबर को त्रिपुरा से ढाका होते हुए कोलकाता जा रही एक बस पर हुए हमले ने तनाव को और भड़का दिया है।

त्रिपुरा में बांग्लादेश के खिलाफ उग्र प्रदर्शन

इन घटनाओं के बाद त्रिपुरा में बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए। अगरतला में बांग्लादेशी हाई कमीशन में तोड़फोड़ की गई। स्थानीय होटल और अस्पतालों ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दीं। इसके जवाब में बांग्लादेश ने अगरतला में अपनी वीजा सेवाएं रोक दीं और अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया।

त्रिपुरा, जो तीन ओर से बांग्लादेश से घिरा हुआ है, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों के चलते बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए एक प्रमुख शरणस्थली बन गया है। बांग्लादेश में अपने जीवन पर खतरा महसूस कर रहे हिंदू बड़ी संख्या में अवैध रूप से भारत में घुस रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि भारत की जेल भी मंजूर है, लेकिन वे बांग्लादेश वापस नहीं जाएंगे।

परिवहन सेवाएं प्रभावित

भारत और बांग्लादेश के बीच बस सेवा भी प्रभावित हुई है। श्यामोली परिवहन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर विकास चक्रवर्ती के अनुसार, 30 नवंबर को बस पर हुए हमले के बाद यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां बसें पूरी तरह भरी रहती थीं, अब कई बसें खाली लौट रही हैं।

होटल और अस्पतालों का फैसला

ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (ATHROA) ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सेवाएं बंद कर दी हैं। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विश्वजीत पाल ने कहा, “हम देश का अपमान सहन नहीं कर सकते। अगर इससे हमारे व्यवसाय को नुकसान होता है, तो भी हम तैयार हैं।”

अगरतला के ILS सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने भी 2 दिसंबर से बांग्लादेशी मरीजों का इलाज बंद कर दिया है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि मेडिकल सेवाएं देना निजी अस्पतालों का फैसला है और सरकार इसमें दखल नहीं देगी।

भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ता तनाव

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के कारण त्रिपुरा में तनाव चरम पर है। बांग्लादेशी नागरिकों को दी जाने वाली सेवाएं बंद होने से दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट आ सकती है। भारतीय प्रशासन को अब इस स्थिति को संभालने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

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