29 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान संगम तट पर भगदड़ मचने से 14 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई
29 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान संगम तट पर भगदड़ मचने से 14 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई
29 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान संगम तट पर भगदड़ मचने से 14 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और लगभग 10 लोग घायल हो गए। यह घटना तड़के लगभग 1 बजे हुई, जब लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए एकत्रित हुए थे। ड्रोन फुटेज में दिखाया गया कि भक्त कंधे से कंधा मिलाकर संगम की ओर बढ़ रहे थे। घटना के बाद के वीडियो और तस्वीरों में स्ट्रेचर पर शवों को ले जाते हुए और लोगों को जमीन पर रोते हुए देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ के बाद निकास द्वारों पर भीड़ बढ़ने से दूसरी भगदड़ मच गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को स्थिति नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और तत्काल सहायता उपायों का निर्देश दिया।
भगदड़ के संभावित कारण:
1. अत्यधिक भीड़: महाकुंभ के इस विशेष दिन को अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसके कारण लाखों श्रद्धालु संगम पर स्नान करने के लिए एकत्रित होते हैं। इस बार, 144 वर्षों बाद ग्रहों की दुर्लभ स्थिति के कारण, भीड़ का अनुमानित संख्या 10 करोड़ से अधिक थी। भीड़ के इस अप्रत्याशित दबाव ने भगदड़ की स्थिति उत्पन्न की।
2. प्रबंधन में कमी: हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने, चिकित्सा कर्मियों की तैनाती और भीड़ प्रबंधन के लिए AI-सॉफ्टवेयर जैसी विशेष व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन इतनी विशाल भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। पहली भगदड़ के बाद, निकास मार्गों पर भीड़ बढ़ने से दूसरी भगदड़ मच गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
3. अफवाहें और घबराहट: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ के दौरान अफवाहें फैलने से लोगों में घबराहट बढ़ी, जिससे भगदड़ की तीव्रता में वृद्धि हुई। कुछ लोगों ने बताया कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की अफवाहें भी फैलीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
घटना के बाद, प्रशासन ने 'शाही स्नान' को रद्द कर दिया। सभी अखाड़ों ने अपने अमृत स्नान कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और तत्काल सहायता के निर्देश दिए। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
पूर्व की घटनाएं:
महाकुंभ मेले में भगदड़ की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 2013 में, प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से 36 लोगों की मृत्यु हुई थी। जांच में पाया गया था कि रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ के चलते फुटओवर ब्रिज की रेलिंग टूटने से यह दुर्घटना हुई थी।
निष्कर्ष:
महाकुंभ जैसे विशाल आयोजनों में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष उपाय किए थे, लेकिन अप्रत्याशित भीड़ और अफवाहों के कारण यह दुखद घटना घटी। भविष्य में, ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन के और भी सख्त और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
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